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श्रीमद्‌भागवत कथा - श्री अवधेशानंद जी || द्वारिकाधाम 13-19 अक्टूबर, 2015

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 13th Oct 2015 || Day 1

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 14th Oct 2015 || Day 2

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 15th Oct 2015 || Day 3

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 16th Oct 2015 || Day 4

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 17th Oct 2015 || Day 5

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 18th Oct 2015 || Day 6

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 19th Oct 2015 || Day 7

Contents of this list:

Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 13th Oct 2015 || Day 1
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 14th Oct 2015 || Day 2
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 15th Oct 2015 || Day 3
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 16th Oct 2015 || Day 4
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 17th Oct 2015 || Day 5
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 18th Oct 2015 || Day 6
Sanskar LIVE - Shrimad Bhagwat Katha by Shri Avdheshanand Giri Ji Maharaj - 19th Oct 2015 || Day 7

Bhajan Lyrics View All

फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं