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दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन कर देख ज़रा।
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर चल कर देख ज

दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन कर देख ज़रा।
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर चल कर देख ज़रा॥

दुनिया के चक्कर में पड़ कर, कई जनम युही बर्बाद किये।
अब शरण में श्यामा की आ कर, तू नाम सुमीर कर देख ज़रा॥

राधा नाम में कितनी मस्ती है, यह पूछो इन दीवानों से।
इस प्रेम के प्याले को प्राणी, एक बार तो पी कर ज़रा॥

जो भक्ति मार्ग पर चलते हैं, वो जग में अमर हो जाते हैं।



duniya ka ban kar dekh liya shyama ka ban kar dekh zara



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कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
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राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
यह मेरी अर्जी है,
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कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
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सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।