Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,

वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा प्यारी का,

कोई नन्दलाल कहता है कोई गोपाल कहता है,
कोई कहता कन्हिया है कोई बंसी बजैया है,
नाम बदल के रख डाला उस कृष्ण मुरारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,

सभी को कहते देखा है बड़ी सरकार है राधे,
लगे गा पार भाव संसार कहे एक बार श्री राधे,
बड़ा गजब का रुतबा है उसकी सरकारी का,
कान्हा भी दीवाना है श्री राधे रानी का,

तमशा एक बदलाये ज़रा बनवारी तू सुन ले,
राधा से मिलने की खातिर श्याम बेश है बदले,
कभी चूड़ी वाले का कभी पुजारी का,



vrindhavan me hukam chale barsane vali ka kanha bhi diwana hai shri radhe rani kaa



Bhajan Lyrics View All

मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है