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कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।

कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।

राधा ने श्याम कहा, मीरा ने नटवर ।
गवालों ने पुकारा तुम्हे कह कर गावाला ॥
कोई कहे गोविंदा...

गोविन्द बोलो हरो गोपला बोलो ।
राधा रमण हरी गोविन्द बोलो ॥

यशोदी जी कहती थी तुमको कन्हैया ।
दाऊ जी कहते थे तुमको नंदलाला ॥
कोई कहे गोविंदा...

घड़ियाल कह हर बुलाता दर्योधन ।
जल जलके तहत था तुमको है कला ॥
कोई कहे गोविंदा...

अर्जुन के बनवारी मीरा के मोहन ।
भक्तो ने पुकारा तुम्हे कह कर मुरली वाला ॥
कोई कहे गोविंदा...


ਕੋਈ ਕਹੇ ਗੋਵਿੰਦਾ, ਕੋਈ ਗੋਪਾਲਾ,
ਮੈਂ ਤੋਂ ਕਹੂੰ ਸਾਂਵਰੀਯਾ, ਬਾਂਸੁਰੀਆ ਵਾਲਾ ।
ਕੋਈ ਕਹੇ ਗੋਵਿੰਦਾ...

ਰਾਧਾ ਨੇ ਸ਼ਾਮ ਕਹਾ, ਮੀਰਾ ਨੇ ਨਟਵਰ ।
ਗਵਾਲੋਂ ਨੇ ਪੁਕਾਰਾ ਤੁਮ੍ਹੇ, ਕਹਿ ਕਰਕੇ ਗਵਾਲਾ ॥
ਕੋਈ ਕਹੇ ਗੋਵਿੰਦਾ...

ਗੋਵਿੰਦ ਬੋਲੋ, ਹਰੀ ਗੋਪਾਲ ਬੋਲੋ ।
ਰਾਧਾ ਰਮਨ ਹਰੀ, ਗੋਵਿੰਦ ਬੋਲੋ ॥

ਯਸ਼ੋਦਾ ਜੀ ਕਹਤੀ ਥੀ, ਤੁਮਕੋ ਕਨ੍ਹਈਆ ।
ਦਾਊਂ ਜੀ ਕਹਤੇ ਥੇ, ਤੁਮ੍ਹੇ ਨੰਦ ਲਾਲਾ ॥
ਕੋਈ ਕਹੇ ਗੋਵਿੰਦਾ...

ਘੜਿਆਲ ਕਹਿ ਕਰ, ਬੁਲਾਤਾ ਦੁਰਯੋਧਨ ।
ਜਲ ਜਲਕੇ ਕਹਤਾ ਥਾ, ਤੁਮਕੋ ਹੈ ਕਾਲਾ ॥
ਕੋਈ ਕਹੇ ਗੋਵਿੰਦਾ...

ਗੋਵਿੰਦ ਬੋਲੋ ਹਰੀ, ਗੋਪਾਲ ਬੋਲੋ ।
ਰਾਧਾ ਰਮਨ ਹਰੀ, ਗੋਵਿੰਦ ਬੋਲੋ ॥

ਅਰਜੁਨ ਕੇ ਬਨਵਾਰੀ, ਮੀਰਾਂ ਕੇ ਮੋਹਨ ।
ਭਕਤੋਂ ਨੇ ਪੁਕਾਰਾ ਤੁਮ੍ਹੇ, ਕਹਿ ਕੇ ਮੁਰਲੀ ਵਾਲਾ ॥



koi kahe govinda koi gopala main to kaun saanwariya murli wala



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मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥