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नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा
नटवर नागर नंदा...

तूं ही नटवर तूं ही नागर, तूं ही बाल मुकन्दा
भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा...

सब देवन में कृष्ण बड़े हैं, ज्यों तारा विच चंदा
भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा...

सब सखियन में राधाजी बड़ी हैं, ज्यों नदियां वींच गंगा
भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा...

ध्रुव तारे प्रह्लाद उबारे, नरसिंह रूप धरंता
भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा...

कालीदह में नाग ज्यों नाथों,फण-फण निरत करंता
भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा...

वृन्दावन में रास रचायो, नाचत बाल मुकन्दा
भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नंदा...

मीरा के प्रभु गिरधर नागर, काटो जम का फंदा



natvar naagar nanda bhajo re mann govinda shyam sundar mukh chanda



Bhajan Lyrics View All

एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।