Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा ।

साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा ।
साँवरिया ऐसी तान सुना...

रस की धार बहे इस मन में,
अनुपम प्यार बहे इस मन में ।
तेरी याद ना विसरे इक पल,
ऐसा मस्त बना, साँवरिया ऐसी तान सुना...

भूली फिरू मैं सदन कुंजन में,
बृज की चिन में दिव्य लतन में ।
रसिकन की पग रज मस्तक की,
देवे लेख जगा, साँवरिया ऐसी तान सुना...

नयनन हो में लै अंसुअन का,
पग पग थिरक उठे जीवन का ।
हर इक प्राण पुकारे पी पी,
ऐसी तार हिला, साँवरिया ऐसी तान सुना...

हर पल तेरा रूप निहारूं,
मैं सोवत जागत तुम्हे पुकारूँ ।
हरी हरो मन की कुटलाई,



saanwariya aisi taan suna main nachu tu ga



Bhajan Lyrics View All

ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया