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मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़ गया राधा रंग।
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा नाम का रंग रंग

मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़ गया राधा रंग।
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा नाम का रंग रंग॥

ऐसी कृपा बरसाई है, मुझे नाम की मस्ती छाई है।
मैं हो गया राधा रानी का, वृन्दावन की महारानी का।
अब करो न कोई तंग, मुझे चढ़ गया राधा रंग॥

श्री राधा रानी के चरणों में जो तेरा प्यार हो जाता,
तो इस भाव सिंदु से तेरा ये बेडा पार हो जाता।
पकड़ लेता चरण गर तू श्री राधा रानी के,
तो पागल, तुझको मेरे श्याम का दीदार हो जाता॥

मैं छोड़ चुका दुनिया सारी, अब नहीं किसी से है यारी।
कोई कहता है दीवाना हूँ, पागल हूँ मैं मस्ताना हूँ।
मैं हो गया मस्त मलंग, मुझे चढ़ गया राधा रंग॥


जय राधे राधे, राधे राधे।
वृन्दावन में, राधे राधे।
यमुना तट पे, राधे राधे।
वंसी वट पे, राधे राधे।
कुञ्ज गली में, राधे राधे।
बांके बिहारी, राधे राधे।
हमारी प्यारी, राधे राधे।
सब की प्यारी, राधे राधे।
प्यारी प्यारी, राधे राधे।



mujhe chad gaya radha rang rang



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मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री