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अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल

ये बोल बड़े अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल

राधाजी बरसाने वाली
राधाजी वृषभानु दुलारी
राधाजी बरसाने वाली
राधाजी वृषभानु दुलारी

दो अक्षर आधार जगत के
दो अक्षर आधार जगत के
ये अक्षर अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

राधाजी महारास रचावे
राधाजी नन्दलाल नचावे
राधाजी महारास रचावे
राधाजी नन्दलाल नचावे

इस छवि को भर कर नयनन में
इस छवि को भर कर नयनन में
अन्तर के पट खोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

बिन राधा नहीं सजे बिहारी
बिन राधा नहीं मिले बनवारी
बिन राधा नहीं सजे बिहारी
बिन राधा नहीं मिले बनवारी

इनके चरण पकड़ ले नादां
इनके चरण पकड़ ले नादान
भटक न दर दर डोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल
राधे बोल, राधे बोल
राधे, राधे, राधे, राधे

ये बोल बड़े अनमोल
ओ रसना राधे राधे बोल
रसना राधे राधे बोल



apni vani mein amrit ghol oo rasna radhe radhe bol



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लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
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तेरे दर की भीख से है,
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और संग में सज रही है वृषभानु की
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कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
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ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
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क्या दे दे भई, क्या दे दे
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यूँ बीत जाये जीवन मेरा
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बजाओ राधा नाम की ताली ।
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श्याम देखा घनश्याम देखा
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तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है