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वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।

देख लिया यह जगत निगोड़ा, देख लिए सब अपने,
   इक इक ने मुझको तड़पाया, तोड़ दिए सब सपने ।
   एक आस लिए स्वामिनी जू की, चौखट पर है जाना,
   अबके लाड़ली हाथ पकड़ के, मोहे रख लेंगी बरसाना ॥

वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।

ना मांगू बैकुंठ लाड़ली, ना मैं मांगू मुक्ति,
चरण तेरे में प्रीती हो जाए, ऐसी दे दो भक्ति ।
राधा राधा रटूं, यह सीखा जाना,
वास देदो किशोरी जी बरसाना ॥

कौन राहो पहुंचाए स्वामिनी सूझत नहीं किनारा,
बृज की रज में रज हो जाऊं हो जाए पार उतारा ।
मर ना जाऊं जल्दी से आ जाना,
वास देदो किशोरी जी बरसाना ॥

मेरे मस्तक हाथ धरो तो बन जाए वो रेखा,
‘श्री हरी दासी’ ने संतो की आँखों में जैसा देखा ।
मैं भी देखू मैं देखूं वो बरसाना,
वास देदो किशोरी जी बरसाना ॥



vaas dedo kishori ji barsana chhodo ji tarsana



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बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...