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मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है

मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जगत की सभी खूबियां मैंने छोड़ीं
ये दिल था इधर अब उधर हो चूका है
यह सच जानिये उसकी बस इक नज़र है
जो कुछ पास सब नजर हो चूका है
वो उस मस्त की खुद खबर ले रहा है
जो उसके लिए बेखबर हो चूका है
नहीं बिनु का अश्रु जल बिंदु है यह
यह उल्फत में लालो बुहर हो चूका है

मेरी शान विच्च फरक नहीं पैंदा
जे नच के मनावा यार नु
मन्ने यार ना ते कुंज वी नहीं रेह्न्दा
किवे मैं भुलावा यार नू

इहो इश्क दी नमाज़ दा असूल ए
बिना यार साडी बंदगी फजूल ए
कोई सजदा कबूल नहिओ पैंदा,
जे शीश न झुकावा यार नू

जग सो सो डरावे दे के गज्ज दा
पल्ला यार ने फड़ेया ए मेर लज्ज दा
लख मंदी होवां यार झल लैंदा
मैं किथे छड़ जावा यार नू

पिया मुरली वजावेगा मैं नचांगी
बन पैरा विच्च घुंघरू मैं जचांगी
कोई केहन्दा रवे कंजरी जे केहन्दा



meri shan vich farak nahi painda je nach ke manava yar nu Punjabi bhajan by Sarabmohan Tinu Singh phagwara



Bhajan Lyrics View All

करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे