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बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया

बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया

जब तेरी गोकुल पे आया दुख: भारी
एक इशारे पर विपदा सब टारी
मुड गया गोवर्धन जिधर मोड दिया

मीरा पुकार तुझे गिरधर नन्द लाला
ढल गया अमृत में विष का भरा पियाला
कौन मिटाए उसे जिसे तु राखे पिया

मन में शाम वसे नैनो बनवारी
सुध विसराए गई मुरली की धुन प्यारी
मन के मधुवन में रास रचाए रसीया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
《 गायक :- कुमार संजीव 》



brij ke nand lala radha ke sanwariya sabhi dukh dor huye jab tera naam liya



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बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा