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तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को फर्माऊ मैं

तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को फर्माऊ मैं
जिस घडी मंदिर ए चौखट पे पहुँच जाऊँगा
पकड़ मंदिर की झोली को यह फरमान गाऊंगा

बन तितली मैं उडदी फिरां, किशोरी तेरे बरसाने
श्री राधे राधे मैं गौन्दी फिरां, किशोरी तेरे बरसाने
किशोरी तेरे बरसाने, श्री राधे तेरे बरसाने...

लुक लुक उड उड मंदिरा च आवांगी
बच्दी बचान्दी मैं दर्शन पावंगी
कर किरपा तू मैनू बुला, किशोरी तेरे बरसाने
बन तितली मैं...

विषेया दा रस पी मैं दर दर रुलेया
विषेया विकारां विच्च मैं दर तेरा भुलेया
हुण नाम वाला रस पिला, किशोरी तेरे बरसाने
बन तितली मैं...

बगिया च तेरी तेरे नाल नाल घुमांगी
जित्थे जित्थे रखे पग ओहिओ रज चुमांगी
बन साया मैं मस्त फिरां, किशोरी तेरे बरसाने
बन तितली मैं...

मन रुपी तितली नु चरना च लावी तू
‘पाली पागल’ नाल श्याम नाल मिलावी तू
देवीं चरना च थोड़ी जही थां, किशोरी तेरे बरसाने



ban titli main uddi firan kishori tere barsane by Chitra Vichtra ji



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नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
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सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥