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तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को फर्माऊ मैं

तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को फर्माऊ मैं
जिस घडी मंदिर ए चौखट पे पहुँच जाऊँगा
पकड़ मंदिर की झोली को यह फरमान गाऊंगा

बन तितली मैं उडदी फिरां, किशोरी तेरे बरसाने
श्री राधे राधे मैं गौन्दी फिरां, किशोरी तेरे बरसाने
किशोरी तेरे बरसाने, श्री राधे तेरे बरसाने...

लुक लुक उड उड मंदिरा च आवांगी
बच्दी बचान्दी मैं दर्शन पावंगी
कर किरपा तू मैनू बुला, किशोरी तेरे बरसाने
बन तितली मैं...

विषेया दा रस पी मैं दर दर रुलेया
विषेया विकारां विच्च मैं दर तेरा भुलेया
हुण नाम वाला रस पिला, किशोरी तेरे बरसाने
बन तितली मैं...

बगिया च तेरी तेरे नाल नाल घुमांगी
जित्थे जित्थे रखे पग ओहिओ रज चुमांगी
बन साया मैं मस्त फिरां, किशोरी तेरे बरसाने
बन तितली मैं...

मन रुपी तितली नु चरना च लावी तू
‘पाली पागल’ नाल श्याम नाल मिलावी तू
देवीं चरना च थोड़ी जही थां, किशोरी तेरे बरसाने



ban titli main uddi firan kishori tere barsane by Chitra Vichtra ji



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किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है