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वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।

वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।

हम तुम्हारे पराये नहीं हैं,
गैर के दर पे आये नहीं हैं ।
हम तुम्हारे पुराने पुजारे,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥

हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा के आखोँ के तारे ।
राधा के सावरे गिरिधारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥

अर्जुन ने हथियार जब डाला
मुरली वाले ने आके संभाला
अर्जुन के सारथि गिरधारी
हम से पर्दा करो न बिहारी

बनके बिहारी जय हो तिहारी ।



vrindavan ke banke bihaari hamse parda karo na murari



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तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
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अपनी वाणी में अमृत घोल
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