Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।

वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।

हम तुम्हारे पराये नहीं हैं,
गैर के दर पे आये नहीं हैं ।
हम तुम्हारे पुराने पुजारे,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥

हरिदास के राज दुलारे,
नन्द यशोदा के आखोँ के तारे ।
राधा के सावरे गिरिधारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥

अर्जुन ने हथियार जब डाला
मुरली वाले ने आके संभाला
अर्जुन के सारथि गिरधारी
हम से पर्दा करो न बिहारी

बनके बिहारी जय हो तिहारी ।



vrindavan ke banke bihaari hamse parda karo na murari



Bhajan Lyrics View All

अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे