Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,

वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,

वृदावन मेरे बांके बिहारी,
बांके बिहारी की लीला है न्यारी,
ये नैना लड़ाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है,

वृदावन में संत बहुत है,
वृदावन में भगत बहुत है,
संत बहुत है रसिक बहुत है,
शीश झुकाने को जी चाहता है,



vrindavan jaane ko jee chata hai radhe radhe gane ko jee chahta hai



Bhajan Lyrics View All

तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर