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इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द गोविन्द केहन्दा,
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं पैंदा ।

इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द गोविन्द केहन्दा,
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं पैंदा ।

नारद जी इक तारा ले के सारी दुनिया तारी,
सात दीप नव खण्ड में गाई प्रभु की महिमा भारी ।
जो कोई हरी को नाम ना सुमिरे,
जो कोई राधा नाम ना सुंमिरे, विच्च नर्का दे पैंदा ॥
इक तारा वाजदा जी...

इक तारा नरसी दा वजेया, आ गए कृष्णा मुरारी,
द्वारिका दे विच्च अपने हत्थी आ के हुंडई तारी ।
कष्ट कटे जो सच्चे मन नाल नाम हरी दा लैंदा ॥
इक तारा वाजदा जी...

इक तारा ले मीरा बाई गिरिधर गिरिधर गाया,
जहर प्याले दे विच मीरा श्याम दा दर्शन पाया ।
‘हरी दासी’ ओह बाह फड़ लैंदा, जेहड़ा दुःख ओहदे लयी सेहंदा ॥
इक तारा वाजदा जी...

इक तारा फिर श्री हरिदास जी निधिवन विच्च बजाया,
युगल छवि चो बांके बिहारी अध्बुत रूप बनाया ।
सुख पावे जो सन्मुख बह के राधे राधे केहन्दा ॥



ik tara vajda ji har dam govind govind kehnda Punjabi bhajan by Tinu Singh Phagwara



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मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा