Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का

ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू
मैंने सुना तु यार गरीबों का

तेरी दीन सुदामा से यारी
हमको ये सबक सिखाती है
धनवानों की ये दुनियां है
पर तु निर्धन का साथी है
दौलत के दीवाने क्या जाने
तु आशिक़ सदा गरीबों का
मैं तुझसे दौलत क्यूँ  मांगू
मैंने सुना तु यार गरीबों का

तुने पत्थर से बहार आकर
धन्ना का रोट भी खाया था  
तुने हाली बन धन्ना के
खेतों में हल भी चलाया था
तेरी इसी अदा से जान गया
तु पालन हार गरीबों का
मैं तुझसे दौलत क्यूँ  मांगू
मैंने सुना तु यार गरीबों का

नरसी ने दौलत ठुकराकर
तेरे सा बेटा पाया था
तुने कदम कदम पर कान्हा
बेटे का धरम निभाया था
कोई माने या प्रभु ना माने
तु पालन हार गरीबो का
मैं तुझसे दौलत क्यूँ  मांगू
मैंने सुना तु यार गरीबों का

प्रभु छमा करो रोमि सबको
तेरी राज की बात बताता है
तु सिक्के चांदी के देकर  
हमे खुद से दूर भगाता है
तेरी इसी अदा से जान गया
तुझको विश्वाश गरीबों का
मैं तुझसे दौलत क्यूँ  मांगू
मैंने सुना तु यार गरीबों का

हम तुमको तुम से मांग के ही
तेरी ये बाज़ी जीतेंगे
तेरे चरणों में रोमि के
अब दिन सावरिया बीतेंगे
हम दीन हीन दुखियारे है
तु दातार है गरीबों का
मैं तुझसे दौलत क्यूँ  मांगू



maine suna tu yaar gareebon kaa



Bhajan Lyrics View All

सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥