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नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो  मदानी ले गया,
लै गया नन्द किशोर लै गया,

नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो  मदानी ले गया,
लै गया नन्द किशोर लै गया,
नन्दबाबा तो पेन गिया झिरका,चाटी चो मदानी ले गया,

आधी आधी राती मेरा कुंडा खडकवे,
माखन देदे मेनू शोर माचवे,
जदों मै माखन नही दिता मेरा पुट के परांदा ले गया,
चाटी को मदानी ले गया........

गई सी राधा कोल मै श्याम नु मनाले,
श्याम तेरा प्यारा प्यारा एह्नु समजा ले,
राधा रानी गुस्सा होगी, बिना गल तो ही रोला पे गया,
चाटी को मदानी ले गया.........

गई सी यशोदा कोल श्याम नु मनान,
तुही सिर चाडिया तू ही समजा ले,
ओ वाली सी तीना लोका दा जाके माँ दी गोदी च बह गया ,



ni mai dudh kahe naal ridka chati cho madani le gya



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करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।