Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो  मदानी ले गया,
लै गया नन्द किशोर लै गया,

नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो  मदानी ले गया,
लै गया नन्द किशोर लै गया,
नन्दबाबा तो पेन गिया झिरका,चाटी चो मदानी ले गया,

आधी आधी राती मेरा कुंडा खडकवे,
माखन देदे मेनू शोर माचवे,
जदों मै माखन नही दिता मेरा पुट के परांदा ले गया,
चाटी को मदानी ले गया........

गई सी राधा कोल मै श्याम नु मनाले,
श्याम तेरा प्यारा प्यारा एह्नु समजा ले,
राधा रानी गुस्सा होगी, बिना गल तो ही रोला पे गया,
चाटी को मदानी ले गया.........

गई सी यशोदा कोल श्याम नु मनान,
तुही सिर चाडिया तू ही समजा ले,
ओ वाली सी तीना लोका दा जाके माँ दी गोदी च बह गया ,



ni mai dudh kahe naal ridka chati cho madani le gya



Bhajan Lyrics View All

तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।