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तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी लड़खड़ाती संभल गयी,
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,

तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी लड़खड़ाती संभल गयी,
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
यह तो मेरे सनम का कमाल है,
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी लड़खड़ाती संभल गयी,

जिस घर में जलती ज्योत तेरी,
उस घर की हालत सुधर गयी,
वहां मौत भी करवाहट बदल गयी,
यह तो लड़खड़ाती संभल गयी,
तेरे दर.....

जिस तन में बस गयी सूरत तेरी,
उस मन की कलख धूल गयी,
इंसान तो क्या हेहवानो की तेरे नाम की फिसरत बदल गयी,
यह तो लड़खड़ाती संभल गयी,
तेरे दर.....

जिस घर मे जलती ज्योत तेरी,
उस घर की हालत सुधर गई,
वहा मौत वी करवट बदल गई यह तो लड़खड़ाती संबल गई,
तेरे दर.....

जब मैंने खुदा के नूर को,
महसूस दिल से है किया,
तेरे कर्म से या खुदा मेरी भी बिगड़ी सम्बल गई,
तेरे दर.....

बोल बांके बिहारी लाल की जय
जय जय श्री राधे



tere dar pe aake zindagi meri ladkharati sambal gai



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राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
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ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
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बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
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ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
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Kahta Khel Naseebo Ka
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
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वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
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तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
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मैया करादे मेरो ब्याह,
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