Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,

राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,

बिन बंसी के कैसे घर जाऊ बंसी प्राण से प्यारी,
बाबा तो मोहे कशु न कहे गो दाऊ पड़े गो बाहरी,
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी

तूने तो कही नही चुराई इतना मुझे बता दे,
बंसी के बदले में मुझसे ठुमक ठुमक नाच वाले,
गवालो के संग खेल रहा था यही कही खोगई,
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,

तूने मेरी मटकी फोड़ी मैं बंसी तोड़ी गी,
एक एक मटकी के बदले मैं दस दस दरवाये लुंगी,
फिर मैं तुज्को नाच नाचू तब मैं बंसी दूंगी,
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी

कान्हा का हाल देखके राधा हसने लागी,
बंसी दिखा दिखा के राधा दूर दूर से बागन लगी,
राधे श्याम की जोड़ी देखो सबके मन को भाह गई,
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी.



radhe mori bansi kaha kho gayi koi na bataye our sham ho gai



Bhajan Lyrics View All

मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।