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हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं

हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं

मेरे नयनो के तारे हैं
सारे जग के रखवारे हैं

मेरे तो प्राण अधारे हैं
सब भगतन के रखवारे हैं

जो लाखो पापीओं को तारे हैं
जो अघमन को उधारे हैं

हम इनके सदा सहारे हैं
हम उनकी शरण पधारे हैं

गणिका और गीध उधारे हैं



hum ram ji ke ram ji hamare hain



Bhajan Lyrics View All

मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।