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ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।

ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
पास हमारे कुछ भी नहीं,
केवल भाव चड़ाना है ॥

जब से तेरी सूरत देखि,
तुम में प्रेम की मूरत देखि ।
अपना तुम्हे बनाना है,
अपना तुम्हे बनाना है ॥

और किसी को क्या मैं जानू,
अपनी लगन को सब कुछ मानू ।
दिल का दरद सुनाना है,
दिल का दरद सुनाना है ॥

जनम जनम से भटकी मोहन,
युग युग से मैं भटकी प्रीतम ।
अब ना तुम्हे भुलाना है,



naa main meera naa main raadha fir bhi shyam ko paana hai



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दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया