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तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।

तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥

दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ,
मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया ।
मेरी निदिया पे अपनी निदिया भी तूने वारी है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥


अपना नहीं तुझे सुख दुःख कोई,
मैं मुस्काया तू मुस्काई मैं रोया तू रोई ।
मेरे हसने पे मेरे रोने पे तू बलिहारी है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥

माँ बच्चो की जा होती है,
वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है ।
कितनी सुन्दर है, कितनी शीतल है, न्यारी नयारी है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥

फिल्म :           राजा और रंक
फिल्म में स्वर : लता मंगेशकर
कवि :             आनंद बक्शी



tu kitni achhi hai tu kitni bholi hai pyari pyari hai o maa



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मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
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राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
यह मेरी अर्जी है,
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अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
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दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
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एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे