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कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥

कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥

राधाने श्याम कहा, मीरा ने गिरधर।
कृष्णा ने कृष्ण कहा, कुब्जा ने नटवर॥

ग्वालो ने तुझको पुकारा गोपाला।
मैं तौ कहुँ साँवरिया बाँसुरिया वाला॥

घनश्याम कहते हैं बलराम भैया।
यशोदा पुकारे कृष्ण कन्हैया॥

सुरा की आँखों कें तुम हो उजाला।
मैं तो कहुँ साँवरिया बाँसुरिया वाला॥

कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥

भीष्म ने बनवारी, अर्जुन ने मोहन।
छलिया भी कह कर के बोला दुर्योधन॥

कन्स तो जलकर के कहता है काला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥

भक्तों के भगवान, संतो के केशव।
भोले कन्हैया तुम मेरे माधव॥

ग्वालिनिया तुझको पुकारे नंदलाला।
मैं तौ कहुँ साँवरिया बाँसुरिया वाला॥

कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥



koi kahe govind koi gopala mai to kahu sanwariya bansuriya vala



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मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।