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मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना ।
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥

मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले ।
तेरी याद ने बना दी मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥

मुझे इसका गम नहीं है की बदल गया ज़माना ।
मेरी ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल न जाना ॥

यह सर वो सर नहीं है जिसे रख दूँ फिर उठा लूं ।
जब चढ़ गया चरण में आता नहीं उठाना ॥

तेरी सांवरी सी सुरत मेरे मन में बस गयी है ।
ऐ सांवरे सलोने अब और ना सताना ॥

दुनियां की खा के ठोकर मैं आया तेरे द्वारे ।
मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥

मेरी आरजु यही है दम निकले तेरे दर पे ।



mujhe raas aa gaya hai tere dar pe sar jhukana tujhe mil gaya pujari mujhe mil gaya thikana



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यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
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कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
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राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
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फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,