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लाडली सरकार - श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना 14.05.2016

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-8

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-7

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-6

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-5

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-4

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-3

लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-2

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लाडली सरकार बरसाना श्री गोविन्द भार्गव जी 14-5-2016 P-2
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ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे