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Shree Hita Guru Purnima Mahotsava By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 1 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 2 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 3 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 4 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 5 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

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Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 1 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 2 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 3 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 4 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 5 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Bhajan Lyrics View All

नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का