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Shree Hita Guru Purnima Mahotsava By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Contents of this list:

Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 1 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 2 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 3 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 4 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.
Shree Hita Guru Purnima Mahotsava Part 5 By Shree Hita Ambrish Ji in Hisar, Haryana.

Bhajan Lyrics View All

हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की