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LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 8 April 2016 || Day 1

LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 9 April 2016 || Day 2

LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 10 April 2016 || Day 3

LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 11 April 2016 || Day 4

LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 12 April 2016 || Day 5

LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 13 April 2016 || Day 6

LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 14 April 2016 || Day 7

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LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 8 April 2016 || Day 1
LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 9 April 2016 || Day 2
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LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 11 April 2016 || Day 4
LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 12 April 2016 || Day 5
LIVE - Gobhagwat Katha by Rajendra Das Ji - 13 April 2016 || Day 6
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Bhajan Lyrics View All

जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा