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Shri Krishna Hari Bhajan - Man Bas Gayo Nandkishore By Govind Bhargav Ji

Jai Pur on 26-10-2015 Bhajan by Sh. Govind Bhargav Ji P-2

Jai pur 4-2-2016 Bhajan Sandhya By Sh. Govind Bhargav Ji

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Shri Krishna Hari Bhajan - Man Bas Gayo Nandkishore By Govind Bhargav Ji
Jai Pur on 26-10-2015 Bhajan by Sh. Govind Bhargav Ji P-2
Jai pur 4-2-2016 Bhajan Sandhya By Sh. Govind Bhargav Ji

Bhajan Lyrics View All

तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही