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Hita Ras Charcha Katha By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 1 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 2 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 3 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 4 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 5 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 6 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 7 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 8 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 9 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 10 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 11 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 12 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 13 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 14 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Hita Ras Charcha Katha Part 15 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

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Hita Ras Charcha Katha Part 1 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 2 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 3 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 4 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 5 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 6 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 7 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 8 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 9 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 10 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 11 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 12 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 13 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 14 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.
Hita Ras Charcha Katha Part 15 By Shree Hita Ambrish ji in Ahmedabad, Gujrat.

Bhajan Lyrics View All

अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना