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JAYA KISHORI JI

Mera Aap Ki Kripa Se | Mahara Khatu Ra Shyam | Jaya Kishori Ji

SANKIRTAN - BHAGAT KE - JAYA KISHORI JI

Radhe Krishna Radhe Krishna Krishna Krishna Radhe Radhe by Jaya Kishori ji

Jaya kishori ji-Hare Ram Hare Rama

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Mera Aap Ki Kripa Se | Mahara Khatu Ra Shyam | Jaya Kishori Ji
SANKIRTAN - BHAGAT KE - JAYA KISHORI JI
Radhe Krishna Radhe Krishna Krishna Krishna Radhe Radhe by Jaya Kishori ji
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राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला