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भाव शिरोमणि भैयाजी श्री गोविन्दजी भार्गव श्रीधाम बरसाना में 15.05.2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-2 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-3 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-4 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-5 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-7 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-8 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-9 15-5-2016

बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-6 15-5-2016

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बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-2 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-3 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-4 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-5 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-7 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-8 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-9 15-5-2016
बरसाने की धूम श्री गोविन्द भार्गव जी बरसाना P-6 15-5-2016

Bhajan Lyrics View All

राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे