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Geeta Chapter 2 - Swami Mukundananda Hindi

Bhagavad Gita Satsang - Swami Mukundananda, Part 1- Chapter 2

Bhagavad Gita Satsang - Swami Mukundananda, Part 2 - Chapter 2

Bhagavad Gita Satsang - Swami Mukundananda, Part 3 - Chapter 2

Bhagavad Gita Satsang - Swami Mukundananda, Part 4 - Chapter 2

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Geeta Chapter 2 - Swami Mukundananda Hindi

Bhajan Lyrics View All

श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥