Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

दर तेरे आज लागिया रोनका
बरस रहा है रंग श्यामा वे मांग पूरी करदे

दर तेरे आज लागिया रोनका
बरस रहा है रंग श्यामा वे मांग पूरी करदे

इको वर मंगदिया दर तेरे आऊं दे
दरश दिखादे वे मानी मैनु जांदे
तेरे जेहा होर कोई पार ना लगाऊं वाला
ना कर मैनु तंग कृष्णा वे मांग पूरी करदे
दर तेरे...

सभा विच द्रुपता दी लाज नु बचाया सी
साडिया दा टेहर इको पल विच लाया सी
देख देख पापी खड़े हो गए पत्थर वांग
ना कर मैनु तंग कृष्णा वे मांग पूरी करदे
दर तेरे.....

जहर प्याला जदो मीरा नु पिलाया सी
तेरा नाम लेके मीरा मुख नाल लाया सी
पानी वांग पीके मीरा मुख तो केहन लगी
ना कर मैनु तंग कृष्णा वे मांग पूरी करदे



dar tere aaj lagiya ronka



Bhajan Lyrics View All

राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य