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Energisation Exercises as taught by Paramhansa Yogananda

Energization Exercises of Paramhansa Yogananda - Class 1/3 - Brahmachari Baraquiel

Energization Exercises of Paramhansa Yogananda - Class 2/3 - Brahmachari Baraquiel

Energization Exercises of Paramhansa Yogananda - Class 3/3 - Brahmachari Baraquiel

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Energization Exercises of Paramhansa Yogananda - Class 1/3 - Brahmachari Baraquiel
Energization Exercises of Paramhansa Yogananda - Class 2/3 - Brahmachari Baraquiel
Energization Exercises of Paramhansa Yogananda - Class 3/3 - Brahmachari Baraquiel

Bhajan Lyrics View All

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला