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Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 8

Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 1

Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 2

Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 3

Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 4

Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 5

Contents of this list:

Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 8
Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 1
Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 2
Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 3
Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 4
Shri Kirit Bhaiji Maharaj - Devi Bhagwat Katha - (Bhuj) :- Day 5

Bhajan Lyrics View All

एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार