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JAI SHRI KRISHNA

Bhakti Ras Pravachan | By Indresh Ji

SANKIRTAN - MERA DIL TO DEEWANA HO GAYA - THAKUR JI

Teri Banki Ada Ne

Dwarka, Gujarat (22 July 2015) | Shrimad Bhagwat Katha | Shri Indresh Upadhyay

Kripa Sarovar

Jisko Tera Bharosa Jisko Tera Sahara

Hari Ka Bhajan Karo

Teri Banki Ada Ne

Thakur Radha Raman Hamare By Shri Krishna Chandra Shastri ( Thakur ji )

Contents of this list:

Bhakti Ras Pravachan | By Indresh Ji
SANKIRTAN - MERA DIL TO DEEWANA HO GAYA - THAKUR JI
Teri Banki Ada Ne
Dwarka, Gujarat (22 July 2015) | Shrimad Bhagwat Katha | Shri Indresh Upadhyay
Kripa Sarovar
Jisko Tera Bharosa Jisko Tera Sahara
Hari Ka Bhajan Karo
Teri Banki Ada Ne
Thakur Radha Raman Hamare By Shri Krishna Chandra Shastri ( Thakur ji )

Bhajan Lyrics View All

यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।