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Geeta Satsang-GyananandajiMaharaj-Gurgaû-18Dec2014

Gurgaon, Haryana( December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

Gurgaon, Hariyana( 19 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

Gurgaon, Hariyana( 20 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

Gurgaon, Hariyana( 21 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

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Gurgaon, Haryana( December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj
Gurgaon, Hariyana( 19 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj
Gurgaon, Hariyana( 20 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj
Gurgaon, Hariyana( 21 December 2014 ) | Geeta Satsang | Shri Gyananand Ji Maharaj

Bhajan Lyrics View All

वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ