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5+ Video Bhajan Sandhya by Govind Bhargav ji over 9 HOURS of LIVE bhajans at Panipat, Ludhiana, Chandigarh and Sikandrabad

Live :- Bhajan Sandhya Govind Bhargav - Ludhiana

Live :- Bhajan Sandhya Govind Bhargav - Sikandrabad

Bhajan Sandhya Govind Bhargav - Chandigarh

Bhajan Sandhya Govind Bhargav

Bhajan Sandhya Govind Bhargav - (Panipat)

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Bhajan Lyrics View All

राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।