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मुरली बजाने वाले, गिरिवर उठाने वाले,
मैं दास हूँ तुम्हारा, मैं दास हूँ तुम्हारा

मुरली बजाने वाले, गिरिवर उठाने वाले,
मैं दास हूँ तुम्हारा, मैं दास हूँ तुम्हारा

ढूंढ लिया जग सारा मैंने , दर्श न तेरा पाया
जब मन को एकाग्र किया तो, तू दिल बीच समाया
भवतार करने वाले, बांके बिहारी हमारे,
मैं दास हूँ तुम्हारा...

तेरी माया ने प्रभु मुझको जग में खूभ नचाया
दीनबंधु भवतारण प्रभु जी, नाम तुम्हारा गाया
सर्वत्र रहने वाले, श्री राधा रमन हमारे,
मैं दास हूँ तुम्हारा...

रचना : पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री ठाकुर जी महाराज
स्वर  : पूज्य इन्द्रेश जी महाराज



murli bajaane wale girivar uthane wale main das hun tumhara by Indresh Upadhya ji



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मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना
तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया