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मोहन बस गयो मेरे मन में,
लोक लाज कुलखानी छुट गई,

मोहन बस गयो मेरे मन में,
लोक लाज कुलखानी छुट गई,
बंकि में है लगन में,

जित देखो तित ही वे दिखे,
घर बाहर आंगन में,
मोहन बस गयो मेरे................

अंग अंग प्रति रोम रोम में,
छठा रही तन मन में,
मोहन बस गयो मेरे........

कुंडल झलक कमोलक सोह्ये
भजु बंद भुजन में,
मोहन बस गयो मेरे....

कनक कलिक ललित वन माला,
नुपुर धनि चरनन में,
मोहन बस गयो मेरे......

चपल नैनयन ब्रिकुती वरबंकि
थारो सबन रतन में,
मोहन बस गयो मेरे......

नारायण बिन मोल बिकी मैं,
बांकी नेक हसन में,



mohan bas gayo mere man mein



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यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਵੱਲ ਨਾ ਵੇਖਿਓ ਜੀ,
ਕਰਮਾਂ ਤੋਂ ਸ਼ਾਰਮਾਈ ਹੋਈ ਆਂ
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
मेरी करुणामयी सरकार पता नहीं क्या दे
क्या दे दे भई, क्या दे दे
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
मुझे चाहिए बस सहारा तुम्हारा,
के नैनों में गोविन्द नज़ारा तुम्हार
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
मुझे चढ़ गया राधा रंग रंग, मुझे चढ़
श्री राधा नाम का रंग रंग, श्री राधा
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,