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हम दुनिया लुटाये बैठे है,
क्या जाने कोई दर्द है दिल,

हम दुनिया लुटाये बैठे है,
क्या जाने कोई दर्द है दिल,

खामोश है लोक लेकिन दिल में तूफ़ान छिपाए बेठे है,
उनको क्या मेरी वफाओ से वे तो लगदे है बेगाने,
लेकिन हम उनकी उल्फत में कसमे खाए बेठे है,
ये इश्क बाफना चीज है क्या जो हुसन से हारे बेठे है,
कुछ भी हो उनके सजदे में,हम सेर को जुकाए बेठे है,
क्या जाने जाना ज़माने से दर कर वो दिन में  मिलने न आये हो,
मिलने को इसलिए रातो की हम नींदे उडाये बेठे है,
एक तमना आ जाओ मन मोहन प्यारे आ जाओ,
बर्दास्त नही अब तन्हाई हम रही बन ने को हम तो,
हम बाहे फहलाये बेठे है,



hum duniya lutiye bethe hai



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ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
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तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
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अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
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राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो