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Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 6 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 5 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Sadhvi Chitralekha Deviji Day 1 of 7 Shrimad Bhagwat Katha

Katha by Sadhvi Chitralekha Deviji - Friday, December 13/201

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Sapt Sindhu Chakra Mandala Puja

Vanshira Devta (The Warrior God) Shabar Mantra

Vanshira-The Warrior God of Sambhala (Introduction)

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Sadhvi Chitralekha Deviji - Day 6 of 7 Shrimad Bhagwat Katha
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सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
ये सारे खेल तुम्हारे है
जग कहता खेल नसीबों का
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
वास देदो किशोरी जी बरसाना,
छोडो छोडो जी छोडो जी तरसाना ।
तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥