Share this page on following platforms.

Home Gurus Pundarik ji

Shri Ram Katha

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 2)

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 3)

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 4)

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 5)

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 6)

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 7)

Contents of this list:

Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 2)
Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 3)
Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 4)
Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 5)
Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 6)
Shri Ram Katha - Pundrik Ji Maharaj (Day 7)

Bhajan Lyrics View All

वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
मीठे रस से भरी रे, राधा रानी लागे,
मने कारो कारो जमुनाजी रो पानी लागे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
तेरे बगैर सांवरिया जिया नही जाये
तुम आके बांह पकड लो तो कोई बात बने‌॥
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
Ye Saare Khel Tumhare Hai Jag
Kahta Khel Naseebo Ka
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधा ढूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा
श्याम देखा घनश्याम देखा
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
अपने दिल का दरवाजा हम खोल के सोते है
सपने में आ जाना मईया,ये बोल के सोते है
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥