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Shrimad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami Ji || Episode 22 || Jabalpur

Shrimad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami Ji || Episode 20 || Jabalpur

Shrimad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami Ji || Episode 23 || Jabalpur

Shrimad Bhagwat Katha - Pundrik Goswami Ji || Episode 24 || Jabalpur

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 2) Bhagwat Katha Ludhiana (Punjab)

Pujya Pundrik Goswami Ji (Day 5) Bhagwat Katha Ludhiana (Punjab)

Geeta Pravachan - Shri Pundrik Goswamiji Maharaj - Delhi (Day 3)

Geeta Pravachan - Shri Pundrik Goswamiji Maharaj - Delhi (Day 5)

Geeta Pravachan - Shri Pundrik Goswamiji Maharaj - Delhi (Day 2)

Geeta Pravachan - Shri Pundrik Goswamiji Maharaj - Delhi (Day 1)

Geeta Pravachan - Shri Pundrik Goswamiji Maharaj - Delhi (Day 4)

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तू राधे राधे गा ,
तोहे मिल जाएं सांवरियामिल जाएं
राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आयंगे।
एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे ॥
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
मेरे जीवन की जुड़ गयी डोर, किशोरी तेरे
किशोरी तेरे चरणन में, महारानी तेरे
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
सब के संकट दूर करेगी, यह बरसाने वाली,
बजाओ राधा नाम की ताली ।
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
मेरा यार यशुदा कुंवर हो चूका है
वो दिल हो चूका है जिगर हो चूका है
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
वृंदावन में हुकुम चले बरसाने वाली का,
कान्हा भी दीवाना है श्री श्यामा
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
ना मैं मीरा ना मैं राधा,
फिर भी श्याम को पाना है ।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
श्री राधा हमारी गोरी गोरी, के नवल
यो तो कालो नहीं है मतवारो, जगत उज्य