Share this page on following platforms.
Download Bhajan as .txt File Download Bhajan as IMAGE File

गजब की बांसुरी बजती है वृन्दावन बसैया की,
   करूँ तारीफ़ मुरली की या मुरली धर कन्हैया की ।

गजब की बांसुरी बजती है वृन्दावन बसैया की,
   करूँ तारीफ़ मुरली की या मुरली धर कन्हैया की ।
   जहां न काम चलता तीर और कमानो से,
   विजय नटवर की होती है वहां मुरली की तानो से ॥

श्याम बांसुरी बजाये री अधर धर के,
रूप माधुरी पिलाए यह तो भर भर के ।

बांसुरी बज के छीने मन का आराम री,
बांसुरी है जादू किया, जादूगर श्याम री,
बजे जब यह निगोड़ी, मेरा जीया धड़के ।
बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

कदम की छैया ठाडो ठाडो मुस्काए री,
बांसुरी में धीरे धीरे राधे राधे गाए री,
ऐसा रूप है सलोना, जीया ले गयो हर के ।
बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

बांसुरी निगोड़ी जब बजे ऐंठ ऐंठ के,
अधर सुधा को पिए अधरों पे बैठ के,
देखो फिरे इतराती, यह सवार करके ।
बांसुरी बजाये री अधर धर के, श्याम...

राधिका किशोरी वामे बांसुरी हो कर में,
रमण हमेशा करो मन के नगर में,
बस इतना ही मांगूं देदो दया करके ।



shyam bansuri bajaye ri adhar dhar ke roop madhuri pilaye yeh to bhar bhar ke Radha Krishna bhajan by Pankaj Manish ji Phagwara wale



Bhajan Lyrics View All

आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
इतना तो करना स्वामी जब प्राण तन से
गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
श्याम बुलाये राधा नहीं आये,
आजा मेरी प्यारी राधे बागो में झूला
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
फूलों में सज रहे हैं, श्री वृन्दावन
और संग में सज रही है वृषभानु की
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
जिनको जिनको सेठ बनाया वो क्या
उनसे तो प्यार है हमसे तकरार है ।
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
हे राम, हे राम, हे राम, हे राम
जग में साचे तेरो नाम । हे राम...
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
मेरी विनती यही है राधा रानी, कृपा
मुझे तेरा ही सहारा महारानी, चरणों से
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा