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कहां जाओगे बांके बिहारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ।

कहां जाओगे बांके बिहारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ।

आगे आगे हैं बांके बिहारी,
पीछे पीछे है राधा गोरी ।
जाने दूंगी ना तुमको मुरारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥

इक तरफ तो है राधा की टोली,
दूजी और तो काहना की टोली ।
यहाँ दो दो चलेंगी पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥

गर भागोगे जाने ना दूंगी,
गलिओं में तुम्हे घेर लुंगी ।
तेरे गुल्चे पे मारू पिचकारी,
होली होगी हमारी तुम्हारी ॥

पीताम्बर तेरा छीन लुंगी,
साड़ी मैं तुझे पह्नाउंगी ।
तुझे नर से बना दूंगी नारी,



kahan jaoge banke bihari holi hogi hamari tumhari holi bhajan by Alka Goel



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हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
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राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
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लै गया नन्द किशोर लै गया,
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कोई ना बताये और शाम हो गयी,
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जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बृज के नन्द लाला राधा के सांवरिया
सभी दुख: दूर हुए जब तेरा नाम लिया