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जपो रे जपो रे राधे नाम को,
   बजो रे बजो रे राधे नाम को ।

जपो रे जपो रे राधे नाम को,
   बजो रे बजो रे राधे नाम को ।
राधा जू की अनुकम्पा से,
   पाओगे घनश्याम को ॥

करुणा मयी है राधे रानी,
   कृपा मयी है राधे रानी ।
दया मयी है राधे रानी,
   दूर करे अभिमान को ॥
जपो रे...

मोहन का सम्मान है राधे,
   कान्हा की मुस्कान है राधे ।
इसी लिए बृजवासी सारे,
   गाते हैं इस नाम को ॥
जपो रे...

वृन्दावन की पावन धरती,
   हर मानव को प्ररित करती ।
वहा का पत्ता पत्ता बोले,
   राधा जी के नाम को ॥
जपो रे...



japo re japo re radhe naam ko bhajo re bhajo radha naam ko by Alka Goel



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मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
करदो करदो बेडा पार, राधे अलबेली सरकार।
राधे अलबेली सरकार, राधे अलबेली
जग में सुन्दर है दो नाम, चाहे कृष्ण
बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
हर साँस में हो सुमिरन तेरा,
यूँ बीत जाये जीवन मेरा
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
बांके बिहारी की देख छटा,
मेरो मन है गयो लटा पटा।
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
मेरी रसना से राधा राधा नाम निकले,
हर घडी हर पल, हर घडी हर पल।
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
हम प्रेम दीवानी हैं, वो प्रेम दीवाना।
ऐ उधो हमे ज्ञान की पोथी ना सुनाना॥
जय राधे राधे, राधे राधे
जय राधे राधे, राधे राधे
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
हम राम जी के, राम जी हमारे हैं
वो तो दशरथ राज दुलारे हैं
हर पल तेरे साथ मैं रहता हूँ,
डरने की क्या बात? जब मैं बैठा हूँ
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा
शयाम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा