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बनकर तेरी श्याम दीवानी, सुध बुध बिसरा बैठी हूँ
चाहे जो कह ले दुनिया तुम्हें अपना बना बैठी हूँ

बनकर तेरी श्याम दीवानी, सुध बुध बिसरा बैठी हूँ
चाहे जो कह ले दुनिया तुम्हें अपना बना बैठी हूँ

मैंने छोड़ दिया जग सारा, मुझे और नही कोई प्यारा
सब तोड़  के झूठे  बंधन तेरे दर पर  आ बैठी हूँ

तेरे चरणो की ये दासी, तेरे दर्शन की है प्यासी
कब दोगे दर्शन प्यारे, उम्मीद लगा बैठी हूँ
बनकर तेरी श्याम दीवानी...

मोहे श्याम मिलन की धुन है, मोहे श्याम मिलन की धुन है
राधा ने सांवर पायो, मीरा ने गिरधर पायो
फिर में भी क्यों न पाउ, राधा मीरा बन जाऊं
पैरो में पहन कर घुंगरू, मैं झूमू नाचू गाउँ
हिर्दय मैं बसा कर तुमको तेरी लगन लगा बैठी हूँ
बनकर तेरी श्याम दीवानी ...



bankar teri shyam deewani sudh budh bisra baithi hun



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तेरे दर की भीख से है,
मेरा आज तक गुज़ारा
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए।
जुबा पे राधा राधा राधा नाम हो जाए॥
दुनिया का बन कर देख लिया, श्यामा का बन
राधा नाम में कितनी शक्ति है, इस राह पर
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
तमन्ना यही है के उड के बरसाने आयुं मैं
आके बरसाने में तेरे दिल की हसरतो को
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना
सांवरिया है सेठ ,मेरी राधा जी सेठानी
यह तो सारी दुनिया जाने है
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ज़रा छलके ज़रा छलके वृदावन देखो
ज़रा हटके ज़रा हटके ज़माने से देखो
श्यामा प्यारी मेरे साथ हैं,
फिर डरने की क्या बात है
राधिका गोरी से ब्रिज की छोरी से ,
मैया करादे मेरो ब्याह,
अच्युतम केशवं राम नारायणं,
कृष्ण दमोधराम वासुदेवं हरिं,
राधा नाम की लगाई फुलवारी, के पत्ता
के पत्ता पत्ता श्याम बोलता, के पत्ता
इक तारा वाजदा जी हर दम गोविन्द
जग ताने देंदा ए, तै मैनु कोई फरक नहीं
कोई कहे गोविंदा, कोई गोपाला।
मैं तो कहुँ सांवरिया बाँसुरिया वाला॥
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तेरी मुरली की धुन सुनने मैं बरसाने से
मैं बरसाने से आयी हूँ, मैं वृषभानु की
मुझे रास आ गया है,
तेरे दर पे सर झुकाना
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
बोल कान्हा बोल गलत काम कैसे हो गया,
बिना शादी के तू राधे श्याम कैसे हो
दिल लूटके ले गया नी सहेलियो मेरा
मैं तक्दी रह गयी नी सहेलियो लगदा
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
बृज के नंदलाला राधा के सांवरिया,
सभी दुःख दूर हुए, जब तेरा नाम लिया।
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
राधे तु कितनी प्यारी है ॥
तेरे संग में बांके बिहारी कृष्ण
बहुत बड़ा दरबार तेरो बहुत बड़ा दरबार,
चाकर रखलो राधा रानी तेरा बहुत बड़ा