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Bhaktmal Katha (Meera Charitra ) By Hita Ambrish Ji at Gurgaon in Feburary 2015

Meera Charitra Bhaktmaal katha - Part No. 1 Gurgaon - By Sh. Hita Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal katha - Part No. 2 Gurgaon - By Sh. Hit Ambrish Ji

Meera Charitra bhaktmal Katha- Part No.3 Gurgon-By Shree Hit Ambrish ji

Meera charitra bhaktmall katha- Part No-4 Gurgaon- By Shree Hit Ambrish ji

meera charitra Bhaktmal Katha -part 5 Gurgaon By Shree Hit Ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha-partNo.6 Gurgaon By Shree hit ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha-partNo.7 Gurgaon -by Shree HIt Ambrish jji

meera charitra Bhaktmal katha -part No.8 By Shree Hit Ambrish ji

Meera charitra Bhaktmal Katha Part No.9 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No. 10 Gurgaon By Shree Hit Ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmal katha Part No.11 Gurgaon by Shree Hit Ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.13 Gurgaon By Shree Hit Ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.14 Gurgaon By Shree Hit Ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.15 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.16 Gurgaon By Shree Hita Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No. BY Shree Hit Ambrish JI

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.19 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.20 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.21 Gurgaon By Shree Hit Ambrish ji

Meera Charitra Bhaktmall Katha Part No.22 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.23 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera charitra Bhaktmal Katha Part No.24 Gurgaon By Shree Hit Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.25 Gurgaon By Shree Hit Ambrish JI

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.26 Gurgaon By Shree HIt Ambrish Ji

Meera Charitra Bhaktmal Katha Part No.27 Gurgaon By Shree HIt Ambrish Ji

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कैसे जीऊं मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही न लगे श्यामा तेरे बिना
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है
एक कोर कृपा की करदो स्वामिनी श्री
दासी की झोली भर दो लाडली श्री राधे॥
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
लाडली अद्बुत नज़ारा तेरे बरसाने में
लाडली अब मन हमारा तेरे बरसाने में है।
हम प्रेम नगर के बंजारिन है
जप ताप और साधन क्या जाने
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
एक दिन वो भोले भंडारी बन कर के ब्रिज
पारवती भी मना कर ना माने त्रिपुरारी,
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
कान्हा की दीवानी बन जाउंगी,
दीवानी बन जाउंगी मस्तानी बन जाउंगी,
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
हम हाथ उठाकर कह देंगे हम हो गये राधा
राधा राधा राधा राधा
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
तेरे दर पे आके ज़िन्दगी मेरी
यह तो तेरी नज़र का कमाल है,
रंगीलो राधावल्लभ लाल, जै जै जै श्री
विहरत संग लाडली बाल, जै जै जै श्री
मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।
बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
मेरी करुणामयी सरकार, मिला दो ठाकुर से
कृपा करो भानु दुलारी, श्री राधे
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार,
यहाँ से गर जो हरा कहाँ जाऊँगा सरकार
कोई कहे गोविंदा कोई गोपाला,
मैं तो कहूँ सांवरिया बांसुरी वाला ।
तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,
ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।
राधा कट दी है गलिआं दे मोड़ आज मेरे
श्याम ने आना घनश्याम ने आना
सारी दुनियां है दीवानी, राधा रानी आप
कौन है, जिस पर नहीं है, मेहरबानी आप की
प्रभु कर कृपा पावँरी दीन्हि
सादर भारत शीश धरी लीन्ही
कैसे जिऊ मैं राधा रानी तेरे बिना
मेरा मन ही ना लागे तुम्हारे बिना