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Bhagawat Radhapriya 2015

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 1, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 2, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 3, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 4, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 5, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 6, Kolkatta

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 7, Kolkatta

Contents of this list:

Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 1, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 2, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 3, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 4, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 5, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 6, Kolkatta
Shreemad Bhagwat Katha - Shri Radhapriya ji Mharaj - Day 7, Kolkatta

Bhajan Lyrics View All

वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
मेरा आपकी कृपा से,
सब काम हो रहा है
आँखों को इंतज़ार है सरकार आपका
ना जाने होगा कब हमें दीदार आपका
जीवन खतम हुआ तो जीने का ढंग आया
जब शमा बुझ गयी तो महफ़िल में रंग आया
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे ,बलिहार
तीनो लोकन से न्यारी राधा रानी हमारी।
राधा रानी हमारी, राधा रानी हमारी॥
ये तो बतादो बरसानेवाली,मैं कैसे
तेरी कृपा से है यह जीवन है मेरा,कैसे
यशोमती मैया से बोले नंदलाला,
राधा क्यूँ गोरी, मैं क्यूँ काला
हो मेरी लाडो का नाम श्री राधा
श्री राधा श्री राधा, श्री राधा श्री
मुँह फेर जिधर देखु मुझे तू ही नज़र आये
हम छोड़के दर तेरा अब और किधर जाये
मन चल वृंदावन धाम, रटेंगे राधे राधे
मिलेंगे कुंज बिहारी, ओढ़ के कांबल
दिल की हर धड़कन से तेरा नाम निकलता है
तेरे दर्शन को मोहन तेरा दास तरसता है
वृन्दावन के बांके बिहारी,
हमसे पर्दा करो ना मुरारी ।
ज़िंदगी मे हज़ारो का मेला जुड़ा
हंस जब जब उड़ा तब अकेला उड़ा
प्रीतम बोलो कब आओगे॥
बालम बोलो कब आओगे॥
लाली की सुनके मैं आयी
कीरत मैया दे दे बधाई
साँवरिया ऐसी तान सुना,
ऐसी तान सुना मेरे मोहन, मैं नाचू तू गा
राधे मोरी बंसी कहा खो गयी,
कोई ना बताये और शाम हो गयी,
सावरे से मिलने का सत्संग ही बहाना है ।
सारे दुःख दूर हुए, दिल बना दीवाना है ।
श्यामा तेरे चरणों की गर धूल जो मिल
सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए॥
नी मैं दूध काहे नाल रिडका चाटी चो
लै गया नन्द किशोर लै गया,
अपनी वाणी में अमृत घोल
अपनी वाणी में अमृत घोल
राधे राधे बोल, राधे राधे बोल,
बरसाने मे दोल, के मुख से राधे राधे बोल,
सांवरियो है सेठ, म्हारी राधा जी
यह तो जाने दुनिया सारी है
कोई पकड़ के मेरा हाथ रे,
मोहे वृन्दावन पहुंच देओ ।
दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया ।
राम एक देवता, पुजारी सारी दुनिया ॥
ज़री की पगड़ी बाँधे, सुंदर आँखों वाला,
कितना सुंदर लागे बिहारी कितना लागे
तुम रूठे रहो मोहन,
हम तुमको मन लेंगे
कहना कहना आन पड़ी मैं तेरे द्वार ।
मुझे चाकर समझ निहार ॥
यह मेरी अर्जी है,
मैं वैसी बन जाऊं जो तेरी मर्ज़ी है